चंदरपुर से पतिलार बज़ार तक की सड़क हुआ आज भी जलमग्न आवागमन बाधित, लोगों में रोष
मंजर आलम बगहा से पत्रकार
और विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर सड़क मापी किया गया था जिसकी दुरी मुख्यतः चन्दरपुर से पतिलार बज़ार तक तीन किलोमीटर थी,इन सारी प्रतिक्रियाओं को देखकर क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी का माहौल बना था। लगा कि अब इस जर्जर सड़क कि जीर्णोद्धार के लिए कोई तारणहार के रूप में मसीहा आ गया,किन्तु बड़े ही अफ़सोस कि बात लोगों कि खुशी महज कुछ ही महीनों में एक सपने सा लगने लगा, क्योकि फिर आने वाले बारिश के वक्त सड़क पर पानी से भरे गढ्ढे कीचड़ में लिपटा सड़क का भविष्य का नजारा साफ दिखने लगा ।जबकि वर्तमान में लोकसभा चुनाव को लेकर सभी कैंडिडेट कुर्सी के लिए लोगों के दरवाजे पर जाकर अपने तमाम तरह के वादे से लोगों को लुभाने का काम करने में व्यस्त हैं।किंतु क्षेत्र के दैनिक समस्यायों की कोई फ़िक्र ही नहीं।इसका सबसे बड़ा उदाहरण है पतिलार का जलमग्न सड़क पता नहीं चलता है कि उक्त सड़क में गढ्ढा कहाँ पर है क्योंकि पानी में डुबा हुआ है सड़क ।वही इस विषय पर पतिलार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि धनंजय यादव ने बताया कि यह सड़क मुख्यतः तीन पंचायतों को जोड़ता है लेकिन बहुत बड़ी विडंबना है कि आज विकास के इस परिवेश में क्षेत्र के सांसद व विधायक को इस सड़क कि दुर्दसा को शायद देख नही पा रहे हैं,उन्होंने यह भी कहा कि विधायक आर एस पांडेय द्वारा कहा गया था कि इस सड़क का निर्माण कार्य नये वर्ष के आगमन पूर्व शुरू कर दिया जायेगा किन्तु मापी के इतने महीनों बाद भी कोई इस सड़क को देखने तक नहीं आया और न कोई ठोस पहल किया गया।वही समाज सेवी दीपक शुक्ला, आशुतोष शुक्ला, अशोक राव ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि दसकों से पतिलार कि जनता को क्षेत्रीय विधायक व सांसदों द्वारा बहला फुसलाकर कर अपना मतलब निकालने का काम किया गया है।यह तीन किलोमीटर कि सड़क जो इस क्षेत्र कि लाइफ लाइन कहलाती है जो कई वर्षों बाद आजतक नही बन सका,किन्तु जनता इसका मुहतोड़ जबाव देने के लिए तैयार बैठी है।वही उक्त पंचायत के बीडीसी प्रितिनिधि त्रियोगी नरायन मिश्र, उप सरपंच अमजद अली, प्रमोद प्रसाद(काजू)ने कहा कि बहुत ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि यह पंचायत सीएम नीतीश कुमार का सपनो का गांव कहा जाता है जहां माननीय मुख्यमंत्री का कई बार आगमन भी हुआ किन्तु असल में देखा जाये तो सबसे उपेक्षित यही पंचायत बना हुआ है।सड़क से लेकर अन्य सामूहिक सुविधाओं से वंचित यह पंचायत विकास के सारे दावे को झूठा साबित करता नजर आ रहा है।पतिलार कि जनता आज कीचड़ में चलने को विवश है।किंतु अभी तक किसी नेता के मुख से इस समस्या से निजात दिलाने की बात नहीं निकल रही है। साथ ही लोगों ने यह भी कहा की इस क्षेत्र से कई कर्मठ और संघर्षशील नेता कहलाने वाले लोग सत्ता में आये किन्तु पतिलार के वर्षों पुरानी जलमग्न सड़क के सम्बन्ध में कोई ठोस पहल नही किया।जिसके कारण उक्त सड़क पर आज भी जलजमाव की समस्या बनी हुई है।साथ ही चंदरपुर रतवल पंचायत के बहुचर्चित व लोकप्रिय सरपंच जगरनाथ यादव ने बताया कि इस सड़क से केवल पतिलार के लोग ही नही बल्कि रतवल, लागुनाहा, चौतरवा सहित दर्जनों गांवों के लोगों का आवागन होता है,किंतु दुर्भाग्य है इस क्षेत्र कि जनता की जिनके विधायक व सांसद इतने बुद्धिजीवी एवं कर्मठ मिले थे।आज तक इस सड़क के तरफ अपनी ध्यान को आकृष्ट नही कर पाये किन्तु इसका जवाब क्षेत्र की जनता अवश्य देगी,उन्होंने कड़े शब्दों में यह भी कहा कि इस सड़क का टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य नही किया गया तो लोकसभा चुनाव के बाद पतिलार मुख्य मार्ग पर बैठकर क्षेत्र कि पूरी जनता के साथ धरना प्रदर्शन कर आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।साथ ही सुरेंद्र प्रसाद, नथुनी राम, बचईलाल श्रीवास्तव, कमलेश मिश्र,और मोहन साह समेत उपरोक्त सभी लोगों ने इस सड़क के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने कि मांग करते हुए कहा कि इस बार आने वाले लोकसभा चुनाव में पंचायत समेत इस क्षेत्र के लोगों का बस एक ही नारा रहने वाला है।जो यह सड़क बनायेगा, वोट उसी को जायेगा,, सड़क नही तो,वोट नही।

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