रामगढ़वा व्यवसायी अजित कुमार की विगत दिनों हुई हत्या के प्रति दुख प्रकट करते हुए प्रदेश सरकार से उनके परिजनों के लिए आर्थिक सहायता एव नौकरी की मांग की गौरव कुमार मिश्र
रक्सौल अनुमंडल अंतर्राष्ट्रीय सीमा से घिरा है ऐसे में आंतरिक आपराधिक घटनाओं का सामरिक महत्व बढ़ जाता है। आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है। उक्त बातें आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के प्रसिद्ध लोकनीति विश्लेषक रामगढ़वा निवासी गौरव कुमार मिश्र ने कही।
उन्होंने रामगढ़वा के युवा व्यवसायी अजित कुमार की विगत दिनों हुई हत्या के प्रति दुख प्रकट करते हुए प्रदेश सरकार से उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और परिवार के लिए एक सरकारी नौकरी की मांग की।
उन्होंने करीब एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं होने पर क्षोभ प्रकट करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस सुधार के लिए देश भर में प्रकाश सिंह बादल कमिटी की रिपोर्ट को लागू किया गया है। लेकिन बिहार में इस दिशा में कोई बेहतर काम नहीं हुआ है।
आज प्रदेश की पुलिस परंपरागत तरीके से काम कर रही है जिसके कारण उनकी दक्षता और क्षमता पर असर पड़ रहा है।
पुलिस को और अधिक तकनीक से जोड़ने पर बल देते हुए उन्होंने स्मार्ट पुलिसिंग और कम्यूनीटी पुलिसिंग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बिहार में जिस प्रकार से हत्याओं का दौर शुरू हुआ है यह जंगलराज - 2 की आहट के रूप में देखा जा रहा है। जिस अपेक्षा और उम्मीद के साथ जनता ने नीतीश कुमार जी को सत्ता सौंपी है उस उम्मीद पर खरे उतरने की चुनौती है।
लचर प्रशासनिक व्यवस्था और लॉ एंड आर्डर की विकट स्थिति किसी भी प्रदेश के विकास के लिए बाधक है। आज प्रदेश में जिस प्रकार की आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
रामगढ़वा से सरफुल्लाह हुसैन की रिपोर्ट

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