घोड़ासहन में प्रखंड कार्यालय में छात्र नेता पर मधुसुधन पर हमला।
सच्चाई पर हमला और आवाज उठाने वाले पर हमला किया गया पूरी घटना पूर्वी चंपारण घोड़ासहन की है
मैं बता दूं कि घोड़ासहन में जल जल योजना और वहां की विकास की खरीद बिक्री होती है।
घोड़ासहन प्रखंड कार्यालय में आम जनता के बैनर तले घोड़ासहन प्रखंड में हो रहे भ्र्ष्टाचार के खिलाफ शांति पूर्ण एक धरना दिया जा रहा था। इसी बिच वक्ताओं ने भ्र्ष्टाचार के विरोध में करते हुए बरवाकला पंचायत के बारे में बोल दिया। तभी कुश कुमार यादव मुखिया के भाई कन्हैया यादव अपने सैकड़ो गुर्गे के साथ मंच संचालन कर रहे मधुसूदन कुशवाहा अध्यक्ष्ता कर रहे चांदेशर सिंह एव शशिरंजन सिंह पर बर्बरता पूर्वक हमला किया गया।
आप इस तस्वीर में सीधा देख सकते है किस तरह एक व्यक्ति पर दर्जनों लोग हाथ लात घुसे लाठी हॉकी सर्टिक से मार रहे है।
इस हमला से यह साफ जाहिर होता है की आप भारतीय लोक तंत्र आपको सच्च नही बोलने दी जायेगी, अगर बोलोगे तो तुम्हारा आवाज हमेशा की तरह बंद कर दिया जायेगा।
आगे रिटायर प्रोफ़ेसर चांदेशर सिंह ने कहा इस धरना कार्यक्रम सुचना bdo sdo एव थाना पहले दे दिया गया था। लेकिन हम सभी लोग मार खाते रहे और प्रखंड कार्यालय का गाड मूकदर्शक बन देखती रही। क्योकि हम सभी bdo co के साजिश के शिकार हुए है इसकी जाँच होनी चाहिए।
मधुसुधन ने 🇳 🇳 🇧 LIVE BIHAR
समाचार सच के सिवा कुछ नहीं से क्या कहा सुनिए
घोड़ासहन प्रखंड-अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रत्येक लाभुकों से 25 -25 हजार रुपए की अवैध वसूली, शौचालय योजना में प्रत्येक लाभुकों से 2- 2 हजार रुपए की अवैध वसूली, वृद्धा पेंशन में भारी अनियमितता, दाखिल खारिज में अवैध वसूली आदि के खिलाफ में आम जनता के बैनर तले आज दिनांक 18 9 2019 को एक दिवसीय धरना दिया जा रहा था जिस का संचालन मैं खुद कर रहा था, जिसके क्रम में ही बरवा कला पंचायत के मुखिया कुश कुमार के भाई सुभाष यादव, कन्हैया कुमार, अश्विनी कुमार सहित दर्जनों लोगों के द्वारा धरना पर ही हमला कर दिया गया तथा मुझे टारगेट करके बहुत मारा पीटा गया और मेरा मोबाइल भी छीन लिया गया जिसके खिलाफ में मैंने घोड़ासहन थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है।
मुझे लगता है की इस धरना पर हमला, मोदी- नीतीश सरकार के संरक्षण में लोकतंत्र पर हमला किया गया है चुकी पहले से ही धरना की सूचना स्थानीय घोड़ासहन प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा स्थानीय थाना को भी दिया गया था एवं ढाका अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी को भी मेल के माध्यम से धरना की सूचना दी गई थी लेकिन धरनास्थल पर कोई भी मजिस्ट्रेट बहाल नहीं किया गया था और स्थाई रूप से कोई भी पुलिस प्रशासन की व्यवस्था नहीं थी। ज्ञातव्य हो कि प्रखंड क्षेत्र के प्रत्येक पंचायतों में जो अवैध वसूली और धांधली किया जा रहा है यह सभी सरकार व प्रशासन के संरक्षण में हो रहा है हम सरकार से मांग करते हैं कि अविलंब हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए




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