जनप्रतिनिधियों का पोल खोलता सुगौली का यह नल जल का पानी टंकी, सुगौली का यह पानी टंकी लोगों में बना चर्चा का विषय
रोहित कुमार झा की रिपोर्ट
सुगौली से
बिहार पूर्वी चंपारण के सुगौली मुख्यमंत्री नल जल योजना के अंतर्गत नगर पंचायत सुगौली के वार्ड संख्या-1 में बनकर तैयार हुआ अनोखा पानी टंकी.इस पानी टंकी को देखने के लिए क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी आ रहे हैं.इसकी खासियत यह है कि काफी कम खर्च में जिस सुंदरता मजबूती और भव्यता का प्रतीक यह पानी टंकी बना है वह स्थानीय लोगों के बीच कौतुहल का विषय है.नल जल योजना को लूट का केंद्र मान रहे लोगों के लिए जनप्रतिनिधियों के लिए यह एक मिसाल कायम करता पानी टंकी सब को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.बता दें पक्के की सीढ़ियों के साथ यह दो मंजिला पानी टंकी कई मायनों में भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों को सीख देता हुआ प्रतीत हो रहा है.इस संबंध मे जब हमारी बात स्थानीय नगर पार्षद श्रीमती सरिता शर्मा से हुई तो उन्होंने बताया कि मेरे वार्ड में होने वाले सभी कार्य सरकारी मानकों के अनुरूप होते हैं.और यह पानी टंकी भी उसी की मिसाल है.मानक के अनुरूप किए गए कार्यों का ही प्रतिफल है की जनता ने इस क्षेत्र से सबसे पहले मेरे ससुर श्री चंद्रिका शर्मा और मेरी सास श्रीमती रंभा देवी को क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका लगातार 2002 से देती आ रही है. अपने कार्यों और जनता के आशीर्वाद की बदौलत ही मुझे भी वर्ष 2017 से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला. वहीं पार्षद पति और निवर्तमान विधायक प्रतिनिधि विकास कुमार शर्मा ने बताया कि नल जल योजना को कुछ भ्रष्ट अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों के कारण लूट का केंद्र माना जाता है. जिस कारण लोगों की नजर में नल जल योजना नीतीश सरकार की फेलियोर योजना साबित हो रही है इस पानी टंकी का निर्माण मैंने "अपने सपनों का पानी टंकी" के नजरिए से अपने देखरेख में कराया है.जो अपने आप में एक भव्यता का निखार दे रहा है.इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में ईमानदारी से काम करें तो ईमानदारी की मिसाल कायम कर क्षेत्र के लोगों को सरकार द्वारा प्रदान की गई राशि का सही प्रयोग करके एक मिसाल दे सकते हैं.आज जिस तरीके से सुगौली में नवनिर्मित इस नल जल की चर्चा जोरों पर है,जिस तरह से लोग इसको देखने आ रहे हैं उससे अगल-बगल के जनप्रतिनिधियों को भी सीख लेनी चाहिए. क्योंकि ज्यादातर पंचायतों में नल जल की स्थिति बहुत ही खराब है. जब हम सुगौली के इस नवनिर्मित नल जल के निर्माण से और जगहों के नल जल का तुलना करते हैं तो यह स्पष्ट हो जाता है कि कितने बड़े पैमाने पर इस नल जल में जनप्रतिनिधियों द्वारा घपला किया गया है.सरकार को चाहिए कि ऐसे जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करें और अन्य जगहों पर नल जल में माल लूटने वाले जनप्रतिनिधियों के ऊपर उचित कार्रवाई करें

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